देहरादून में हड़कंप: एयरपोर्ट पर तैनात हेड कॉन्स्टेबल की गोली लगने से मौत, सरकारी कार्बाइन से चलीं 7-8 राउंड गोलियां

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। डोईवाला और रानीपोखरी क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब देहरादून एयरपोर्ट (Dehradun Airport) पर तैनात एक 49 वर्षीय हेड कॉन्स्टेबल की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान हेड कॉन्स्टेबल (AP) सुनील के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे पुलिस महकमे में शोक और हड़कंप का माहौल है।

​रात 10:30 बजे गूंजी गोलियों की आवाज

​पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना 25 मई की रात की है। करीब 10:30 बजे थाना रानीपोखरी को सूचना मिली कि नागाघेर स्थित अपने आवास पर हेड कॉन्स्टेबल सुनील ने अपनी सरकारी कार्बाइन से खुद को गोली मार ली है।

​गोलियों की आवाज सुनते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और भारी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही रानीपोखरी पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में हेड कॉन्स्टेबल को अस्पताल ले जाया गया।

​हिमालयन हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

​गंभीर रूप से घायल हेड कॉन्स्टेबल सुनील को तुरंत हिमालयन हॉस्पिटल (Himalayan Hospital) ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी तुरंत अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है।

​घटनास्थल से मिले चौंकाने वाले सबूत: 7 से 8 राउंड हुई फायरिंग

​शुरुआती जांच में पुलिस को घटनास्थल से कई ऐसे सबूत मिले हैं जिसने मामले को और पेचीदा बना दिया है।

  • फायरिंग के निशान: अधिकारियों के अनुसार, मौके पर करीब 7 से 8 राउंड फायरिंग होने के संकेत मिले हैं।
  • लगीं 3 गोलियां: इन राउंड्स में से लगभग तीन गोलियां हेड कॉन्स्टेबल सुनील को लगीं।
  • हथियार जब्त: पुलिस ने घटनास्थल से सरकारी कार्बाइन को अपने कब्जे में ले लिया है और फॉरेंसिक टीम (Forensic Team) ने मौके से तकनीकी साक्ष्य जुटाए हैं।

​पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव की आशंका

​पुलिस इस मामले की जांच हर एंगल से कर रही है। प्रथम दृष्टया (Prima Facie) पुलिस को अंदेशा है कि इस आत्मघाती कदम के पीछे पारिवारिक कलह एक मुख्य वजह हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल सुनील पिछले कुछ समय से भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।

​”मामला बेहद गंभीर है और अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस आत्महत्या, मानसिक तनाव और अन्य सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर निष्पक्ष जांच कर रही है।”

पुलिस प्रशासन

​सुरक्षाबलों में बढ़ते मानसिक तनाव पर उठे सवाल

​इस दुखद घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव और वर्क प्रेशर को लेकर बहस छेड़ दी है। लगातार ड्यूटी का दबाव और निजी जीवन की परेशानियां अक्सर ऐसे गंभीर हादसों का कारण बनती हैं। जानकारों का मानना है कि पुलिस विभाग में कर्मचारियों के लिए समय-समय पर काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता (Mental Health Support) सत्र आयोजित करना बेहद जरूरी हो गया है।