बद्रीनाथ धाम चढ़ावा गड़बड़ी मामला: सख्त कार्रवाई शुरू, जांच तेज
बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शुरुआती कार्रवाई के तहत बीकेटीसी अध्यक्ष के साथ कार्यरत कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ बद्रीनाथ थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है।

देश के प्रमुख आस्था केंद्रों में चढ़ावे से जुड़ी अनियमितताओं की खबरों ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं के मन में यही सवाल उठ रहा है कि जिन धार्मिक स्थलों से लोगों की आजीविका जुड़ी है, वहीं इस तरह की कथित गड़बड़ियां आखिर कैसे हो सकती हैं।
हाल ही में श्रीराम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद अब 3 जुलाई को बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती में अनियमितता के आरोप सामने आए। मामला सार्वजनिक होते ही प्रशासन और मंदिर समिति हरकत में आई। इसके बाद बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के साथ कार्यरत कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर ज्योतिर्मठ तलब किया गया।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि प्रमोद नौटियाल उनके निजी सचिव नहीं हैं, बल्कि मंदिर समिति के नियमित कर्मचारी हैं, जो इससे पहले भी कई अध्यक्षों के साथ अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि मामले में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बद्रीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इस कथित गड़बड़ी का मुद्दा सबसे पहले भैरव सेना संगठन के अध्यक्ष संदीप खत्री ने उठाया था। उनका आरोप था कि बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की गिनती के दौरान बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की भी मांग की थी।
सीएम धामी ने दिए सख्त जांच के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार ने अब गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में नई उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है। समिति में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान को सदस्य बनाया गया है।
नई समिति को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दान और चढ़ावा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी देने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
