उत्तराखंड की ग्राम पंचायतों को आखिरकार करीब एक साल बाद उप-प्रधान मिलने जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने उप-प्रधान पद के चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार के अनुसार, हरिद्वार को छोड़कर प्रदेश के 12 जिलों की ग्राम पंचायतों में 15 जुलाई को चुनाव कराया जाएगा।

दरअसल, राज्य में जुलाई 2025 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव संपन्न हुए थे, लेकिन कई ग्राम पंचायतों में उप-प्रधान पद रिक्त रह गए थे। अब इन पदों को भरने के लिए नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना तक का पूरा कार्यक्रम तय कर दिया गया है। इस प्रक्रिया में संबंधित ग्राम पंचायतों के निर्वाचित सदस्य भाग लेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रदेश की 7,466 ग्राम पंचायतों में उप-प्रधान पद के लिए मतदान होगा। हरिद्वार जिले को इस चुनाव प्रक्रिया से बाहर रखा गया है, क्योंकि वहां का पंचायत चुनाव चक्र अन्य जिलों से अलग है।
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, 15 जुलाई को सुबह 10:00 से 11:00 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद 11:00 से 12:00 बजे तक नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार दोपहर 12:00 से 12:30 बजे तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। 12:30 से 1:00 बजे तक चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे, जबकि दोपहर 1:30 से 3:30 बजे तक मतदान होगा। मतदान समाप्त होने के बाद शाम 4:00 बजे से मतगणना शुरू होगी और उसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे।
इस संबंध में सभी संबंधित जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी अलग-अलग अधिसूचना जारी करेंगे। उप-प्रधान के चुनाव में ग्राम पंचायतों के निर्वाचित सदस्य मतदान करेंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले पंचायत चुनाव में कई ग्राम पंचायतों में प्रधान और उप-प्रधान के पद निर्विरोध भी चुने गए थे। अब शेष पंचायतों में चुनाव होने से पंचायतों की कार्यप्रणाली को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
