उत्तराखंड में आज बड़े हर्षोंउल्लास से लोकपर्व हरेला को मनाया जा रहा है,उत्तराखंड सरकार ने इस वर्ष हरेला के उपलक्ष में 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।

क्या है हरेला लोकपर्व :
मुख्य रूप से उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में मनाया जाने वाला लोकपर्व हरेला सावन के आगमन और हरियाली का प्रतीक है,हरेला से 9 दिन पहले घरों में सप्तनाज (सात अनाजों ) की हरियाली जमाई जाती है और आज के दिन इसे काटा जाता है,घर के बड़े लोग छोटे बच्चों के सर और कान में इस हरियाली को लगाकर आश्रीवाद देते हैं यह अच्छी फसल का प्रतीक माना जाता है,पिछले कुछ वर्षों से हरेला पर सार्वजनिक अवकाश भी होता है।
पीएम मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम ‘ अभियान ने खींचा ध्यान :
वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक पेड़ माँ के नाम ‘ अभियान की शुरुआत की थी और पीआईबी की रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती महीनों में ही 80 करोड़ पौधे लगाए गए।
उत्तराखंड सरकार का 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य :
उत्तराखंड सरकार ने वन विभाग के सहयोग से इस वर्ष 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है और इसे 16 जुलाई से 15 अगस्त तक हरेला अभियान के रूप में चलाने का लक्ष्य रखा है,मुख्यमंत्री धामी आज अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम में वृक्षारोपण कार्यक्रम में शिरकत करेंगे,इसके साथ ही राजनैतिक दल,सामाजिक संगठन और स्कूल ,कॉलेज में वृक्षारोपण कर हरेला लोकपर्व मनाया गया।
ऋषिकेश भानियावाला फॉर लेन प्रोजेक्ट के विरोध में ‘ब्लैक हरेला’ का आयोजन :
ऋषिकेश भानियावाला फॉर लेन प्रोजेक्ट के विरोध में बीते कई दिनों से पर्यावरण प्रेमी 3000 से अधिक पेड़ों के कटान का विरोध कर रहे हैं और आज हरेला पर्व पर ‘ब्लैक हरेला ‘ का आयोजन कर इस प्रोजेक्ट का विरोध व्यक्त कर रहे हैं साथ ही सात मोड़ पर वृक्षारोपण भी किया गया।
