यूरोपीय संघ (EU) ने डिजिटल नियमों के उल्लंघन पर एलन मस्क के प्लेटफॉर्म X को बड़ा झटका दिया है। EU के Digital Services Act (DSA) का पालन न करने पर X पर 120 मिलियन यूरो यानी करीब 1,080 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। आयोग का आरोप है कि प्लेटफॉर्म ने पारदर्शिता और यूज़र सुरक्षा से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मानकों का उल्लंघन किया है, जिससे ब्लू टिक और विज्ञापन डाटाबेस को लेकर यूज़र्स को गुमराह होने का खतरा बढ़ गया।
EU का कहना है कि X ने DSA की पारदर्शिता संबंधी शर्तों को पूरा नहीं किया। यह कानून डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को यूज़र्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने और गलत जानकारी व धोखाधड़ी से बचाने के लिए बाध्य करता है। आयोग ने साफ किया कि ऐसे नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना लगाया जाना तय है।
यूरोपीय आयोग के अनुसार, X का ब्लू चेकमार्क इस तरह बनाया गया था कि यह यूज़र्स को भ्रमित कर सकता था। इससे फर्जी अकाउंट, स्कैम और ऑनलाइन मैनीपुलेशन का खतरा बढ़ जाता है। आयोग ने इसे “धोखाधड़ीपूर्ण डिजाइन” बताया और कहा कि यह EU के ऑनलाइन सुरक्षा मानकों के विरुद्ध है।
DSA के तहत प्लेटफॉर्म्स को अपने सभी विज्ञापनों का एक पारदर्शी डाटाबेस उपलब्ध कराना अनिवार्य है, जिसमें यह जानकारी स्पष्ट हो कि विज्ञापन किसने दिया, किसे टारगेट किया गया और उसका उद्देश्य क्या था। जांच में पाया गया कि X के विज्ञापन डाटाबेस तक पहुंचने में देरी होती है और जानकारी अक्सर अधूरी रहती है, जिससे शोधकर्ताओं के लिए गलत विज्ञापनों और प्रोपेगैंडा की पहचान करना कठिन हो जाता है।
जांच में यह भी पता चला कि X रिसर्चर्स को डेटा एक्सेस देने में “अनावश्यक रुकावटें” पैदा करता है। EU का कहना है कि यह पारदर्शिता और सार्वजनिक हित के खिलाफ है। EU के कार्यकारी उपाध्यक्ष का कहना है कि धोखे, विज्ञापन छिपाने और रिसर्च में बाधा डालने जैसी चीजें यूरोपीय डिजिटल कानूनों के तहत बर्दाश्त नहीं की जाएंगी, और DSA इन्हीं से सुरक्षा देता है।
