देहरादून में 23 अक्तूबर को सरोवर होटल के पास हुई दर्दनाक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल उत्तरांचल यूनिवर्सिटी की छात्रा प्रज्ञा सिंह को टक्कर मारने वाली कार का पुलिस ने सुराग लगा लिया है। जांच में पता चला है कि दुर्घटनाग्रस्त कार रुड़की में रजिस्टर्ड है। पुलिस अब वाहन चालक की पहचान करने में जुटी है, जिसके बारे में जानकारी मिली है कि हादसे के वक्त एक बुजुर्ग व्यक्ति कार चला रहे थे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रज्ञा की नाजुक स्थिति: लगातार दुआओं का दौर
पिछले पाँच दिनों से प्रज्ञा सिंह बेहोश हैं और उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। लगातार बढ़ते आंतरिक रक्तस्राव के कारण बुधवार को उनका ब्रेन ऑपरेशन किया गया। डॉक्टरों ने अगले 48 घंटे को बेहद नाजुक बताया है।
मूल रूप से दिल्ली की निवासी प्रज्ञा देहरादून में एलएलबी प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। घटना के दिन वह दिल्ली से लौट रही थीं। शाम करीब सवा चार बजे उन्हें एक तेज रफ्तार काली कार ने टक्कर मार दी और फरार हो गई।
पुलिस जांच: सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज
पटेल नगर थाना प्रभारी चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना के समय प्रज्ञा के साथ उनका 13 वर्षीय छोटा भाई भी मौजूद था। सदमे में होने के बावजूद, वह केवल “काले रंग की बड़ी कार” के बारे में बता सका। इसी बयान के आधार पर पुलिस ने कारगी चौक के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें सात संदिग्ध काली कारें दिखीं। गहन जांच के बाद, रुड़की में ट्रेस हुई एक कार को हादसे में शामिल पाया गया।
परिवार पर दुखों का पहाड़
प्रज्ञा के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पिता की साल 2013 में दिल्ली में सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद प्रज्ञा की माँ आशा सिंह ने 2015 में अपने तीन बच्चों के साथ देहरादून में एक नई शुरुआत की थी।
आशा सिंह अपनी बेटी को सबसे बड़ी और सबसे जिम्मेदार संतान बताती हैं, जो पढ़ाई के साथ-साथ घर की जिम्मेदारियों में भी सहयोग करती थी। इस मुश्किल घड़ी में आशा सिंह अस्पताल में अपनी बेटी की जिंदगी के लिए लगातार प्रार्थना कर रही हैं। उनका सबसे छोटा बेटा घर पर अकेला है, जबकि एक बेटा हॉस्टल में पढ़ता है।
हम प्रज्ञा के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि पुलिस जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर न्याय सुनिश्चित करेगी।
