Crime : उत्तर प्रदेश के मथुरा से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जिससे पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। दरअसल मगोर्रा थाना क्षेत्र के एक गाँव में 10 साल की नाबालिक दलित बच्ची के साथ कथित तौर पर दो युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। बता दे कि घटना को गाँव के पास स्थित एक सुनसान मंदिर में अंजाम दिया गया, जहाँ बच्ची खून से लथपथ हालत में मिली।
कपड़े धोने गई थी बच्ची
पुलिस के अनुसार, यह घटना तब हुई जब बच्ची अपनी बड़ी बहन के साथ गाँव से कुछ दूर कुएं पर कपड़े धोने गई थी। बता दे कि पीड़िता की बड़ी बहन कपड़े धोने के बाद अपनी छोटी बहन को वहीं छोड़कर किसी काम से चली गई थी। इसी के कुछ देर बाद मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक वहाँ पहुँचे।
सुनसान मंदिर में दरिंदगी
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों ने बच्ची को जबरन बच्ची को पास ही के सुनसान इलाके में स्थित मंदिर परिसर में ले गए। मंदिर की आड़ में दोनों दरिंदों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। यही नहीं हद तो तब पार हुई जब आरोपियों ने बच्ची के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया ताकि उसकी चीखें बाहर न आ सकें।
वहीं दूसरी तरफ छोटी बहन के काफी देर तक न लौटने पर बड़ी बहन कुएं पर वापस लौटी, बहन को वहां न पाकर उसने आसपास देखा तो वहां की वीभत्स स्थिति और बच्ची की हालत देखकर उसकी चीख निकल गई। वहीं उसकी बहन की चीख सुनकर आरोपी तुरंत बच्ची को खून से लथपथ छोड़कर मौके से अपनी बाइक लेकर भाग निकले।
वहीं बड़ी बहन की चीख पुकार सुनकर गांव के लोग भी मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को बुलाया गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी तुरंत मौके पर पहुंची और बच्ची को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं मगोर्रा थाने में आरोपियों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और अन्य संबंधित धाराओं के साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं। वहीं पुलिस आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी कर रही है और बाइक सवारों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों की मदद भी ले रही है।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी व्यक्तिगत रूप से इस मामले की जांच की निगरानी कर रहे हैं। वहीं पुलिस ने पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
इस घटना ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। दलित समुदाय के खिलाफ इस तरह के दिल दहला देने वाले अपराध ने न केवल सामाजिक ताने-बाने को झकझोरा है, बल्कि न्याय और सुरक्षा की मांग को भी तेज कर दिया है।
