थराली आपदा के पीड़ितों को सुविधा न मिलने पर HC सख्त, सरकारी रिपोर्ट से असंतुष्ट!

थराली में अगस्त महीने में आई आपदा के बाद वहां के लोगों को जरूरी सुविधाएं न दिए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। बता दे जी राज्य सरकार की तरफ से इस मामले में अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई थी जिसपर याचिकाकर्ता ने पीड़ितों को मुआवजा न दिए जाने सामने कई और गंभीर सवाल उठाए।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंदर और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ सरकार की इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हुई। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने याचिकाकर्ता से भी इस पर अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी ।

जानकारी के लिए बता दे कि थराली निवासी अधिवक्ता सिद्धार्थ सिंह नेगी ने ग्रामीणों की मुआवजा न मिलने और अन्य समस्या को लेकर जनहित याचिका दायर की है। जिसमें उन्होंने कहा है कि पहले राज्य सरकार प्रभावितों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए।

बता दे कि इसी साल अगस्त में थराली तहसील में दो बार बादल फटने की वजह से भीषण आपदा आई थी। जिसमें भारी जनधन की हानि हुई थी। कई घर आपदा में बह गए थे। याचिका में कहा गया है कि थराली तहसील उस घटना से उबर नहीं पा रहा है। स्थानीय लोग रोजगार ढूंढने के बजाय अपनों की खोजबीन कर रहे हैं। सरकार से उन्हें दी जा रही सुविधाएं भी नाकाफी हैं।