Delhi : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले के वेलकम इलाके (सीलमपुर के ईदगाह रोड की जनता कॉलोनी) में शनिवार सुबह एक चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 8 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है, जबकि आशंका है कि अभी भी कुछ लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं। अग्निशमन विभाग की 7 टीमें, स्थानीय पुलिस और नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
यह घटना सुबह के समय हुई, जब जनता कॉलोनी स्थित एक चार मंजिला आवासीय इमारत अचानक ढह गई। इमारत गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए और तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
उन्होंने मलबे को हटाना शुरू किया और अपनी जान जोखिम में डालकर सबसे पहले तीन लोगों को बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय लोगों का यह प्रयास सराहनीय रहा और उन्होंने अग्निशमन विभाग के पहुंचने से पहले ही शुरुआती बचाव कार्य को गति दी।
Delhi : रेस्क्यू ऑपरेशन और घायलों की स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन विभाग की 7 टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों के साथ मिलकर उन्होंने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया।
मलबे को हटाने के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है और एक-एक ईंट हटाकर जिंदगी की तलाश की जा रही है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य है, क्योंकि इमारत पूरी तरह से ढह गई है और मलबे का ढेर काफी बड़ा है।
इस हादसे में अब तक कुल 8 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। इन सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल और जेपीसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में 32 वर्षीय परवेज, 19 साल के नावेद, 21 साल की सीजा, 56 साल की दीपा, 60 साल के गोविंद, 27 साल के रवि कश्यप और 27 साल की ज्योति शामिल हैं।
इसके अलावा, एक 14 महीने की बच्ची भी घायल हुई है, जिसे जीटीबी अस्पताल में गहन चिकित्सा में रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, सभी घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है, हालांकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं।
Delhi : 12 लोगों के फंसे होने की आशंका
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, इमारत में करीब 12 लोग फंसे होने की आशंका थी, जिनमें से 8 को निकाल लिया गया है। हालांकि, अभी भी कुछ और लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। रेस्क्यू टीमें पूरी सावधानी और तेजी के साथ काम कर रही हैं ताकि कोई भी व्यक्ति मलबे में फंसा न रह जाए।
इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है। अक्सर ऐसे हादसे तब होते हैं जब इमारतें अपनी उम्र पूरी कर लेती हैं या उनके निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। स्थानीय प्रशासन को ऐसी इमारतों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Delhi : स्थानीय लोगों ने की मदद
स्थानीय लोगों ने राहत-बचाव कार्य में अग्निशमन विभाग और पुलिस का पूरा सहयोग किया है। उन्होंने न केवल शुरुआती बचाव कार्य में मदद की, बल्कि मलबे को हटाने में भी सक्रिय रूप से सहायता कर रहे हैं। उनकी मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आई है।
इस घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जाएगा कि इमारत के ढहने का असली कारण क्या था – क्या यह निर्माण में खामी थी, इमारत की पुरानी स्थिति थी, या कोई अन्य वजह थी। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और सभी की निगाहें मलबे में फंसे शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर टिकी हुई हैं। यह एक दुखद घटना है जिसने कई परिवारों को प्रभावित किया है, और प्रशासन तथा नागरिक समाज दोनों मिलकर प्रभावितों की हर संभव मदद करने का प्रयास कर रहे हैं।
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