बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ कथित तौर पर हो रहे हमलों का सिलसिला लगातार जारी है। ताजा मामला सुनामगंज जिले से सामने आया है, जहां एक हिंदू युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है, खासकर तब जब आने वाले महीने में चुनाव होने हैं।
बता दे कि मृतक की पहचान जॉय महापात्रो के रूप में हुई है। परिजनों का कहना है कि जॉय पर एक स्थानीय व्यक्ति ने पहले बेरहमी से हमला किया और बाद में उसे जहर दे दिया। गंभीर हालत में जॉय को सिलीहट स्थित एमएजी उस्मानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि परिवार न्याय की मांग कर रहा है।
यह मामला हाल ही में हुई एक अन्य घटना के बाद सामने आया है। भंडारपुर गांव के 25 वर्षीय हिंदू युवक मितुन सरकार की मौत भीड़ के डर से भागते समय हुई थी। चोरी के संदेह में पीछा कर रही भीड़ से बचने के लिए मितुन ने नहर में छलांग लगा दी थी, जिसके बाद पुलिस ने उसका शव बरामद किया था।
दिसंबर 2025 में छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद हालात और ज्यादा बिगड़ते नजर आए। इसके बाद देश के कई इलाकों से हिंदुओं पर हमले और हत्याओं की खबरें सामने आईं। दीपू चंद्र दास, अमृत मंडल और बजेंद्र बिस्वास की मौत ने समुदाय में डर का माहौल पैदा कर दिया। वहीं, शरियतपुर जिले में एक हिंदू व्यापारी की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना ने स्थिति की गंभीरता को और उजागर कर दिया।
बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के अनुसार, अकेले दिसंबर महीने में सांप्रदायिक हिंसा की कम से कम 51 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 10 हत्याएं, लूटपाट और आगजनी के 23 मामले, डकैती व चोरी की 10 घटनाएं, झूठे ईशनिंदा आरोपों में हिरासत और यातना के चार मामले, बलात्कार के प्रयास की एक घटना और तीन शारीरिक हमले शामिल हैं।
