उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के बाद गांव लौट रहे दिवंगत अंकिता भंडारी के माता-पिता और वाहन चालक एक बड़े हादसे से बच गए। गांव के पास डोभ-श्रीकोट इलाके में अचानक भालू के सामने आ जाने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के अनुसार, अंकिता की मां सोनी देवी की तबीयत रास्ते में अचानक खराब हो गई, जिस पर वह उल्टी करने के लिए वाहन से बाहर उतरीं। उनके साथ अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी और वाहन चालक भी बाहर आ गए। तभी अचानक एक भालू वहां पहुंच गया और उनकी ओर बढ़ने लगा।
भालू को देखते ही तीनों सतर्क हो गए और तुरंत वाहन में बैठ गए। चालक ने बिना देर किए गाड़ी गांव की ओर बढ़ा दी, जिससे सभी सुरक्षित बच सके। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।
गौरतलब है कि पौड़ी जिला प्रशासन बीते सात जनवरी को अंकिता भंडारी के माता-पिता को मुख्यमंत्री धामी से मुलाकात कराने देहरादून लेकर गया था। मुलाकात के अगले दिन यानी आठ जनवरी को वे गांव लौट रहे थे, तभी यह घटना हुई।
वीरेंद्र भंडारी ने बताया कि पत्नी की तबीयत अचानक बिगड़ने पर वे गाड़ी से बाहर उतरे थे। उसी समय भालू अचानक सामने आ गया, जिससे सभी घबरा गए और तुरंत वाहन में लौटकर वहां से निकल गए।
उन्होंने कहा कि डोभ-श्रीकोट और आसपास के क्षेत्रों में भालू की सक्रियता लगातार बनी हुई है, जिससे लोगों में डर का माहौल है। उन्होंने जिला प्रशासन और वन विभाग से क्षेत्र में भालू के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
