उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नारकोटिक्स तस्करी पर डीआरआई (डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एयरपोर्ट पर बैंकॉक से आई एयर एशिया फ्लाइट FD-146 से 2.7 किलो हाई-ग्रेड गांजा बरामद किया। यह नशीला पदार्थ वैक्यूम-सील पैकेटों में छुपाकर लाया जा रहा था। मामले में तीन भारतीय—एक पुरुष और दो महिलाएं—को पकड़ा गया है।
डीआरआई को कुछ समय पहले अंतरराष्ट्रीय ड्रग रूट से तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद निगरानी बढ़ाई गई। फ्लाइट के उतरते ही संदिग्ध लगने पर तीन यात्रियों के बैग चेक किए गए, जहां से गांजा के सील्ड पैकेट मिले।
बरामद नशीले पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 13 करोड़ रुपए है। शुरुआती जांच बताती है कि ये तीनों यात्री दक्षिण-पूर्व एशिया से भारत में ड्रग सप्लाई करने वाले एक संगठित नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।
पिछले छह महीनों में डीआरआई लखनऊ एयरपोर्ट से करीब 75 किलो ड्रग्स पकड़ चुकी है, जिनकी कुल अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 70 करोड़ रुपए आंकी गई है। अधिकारियों का मानना है कि तस्कर अब लखनऊ एयरपोर्ट को नए ट्रांजिट पॉइंट की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
गिरफ्तार यात्रियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि भारत में उनका नेटवर्क कौन-कौन से लोगों से जुड़ा है और यह खेप कहां पहुंचाई जानी थी। अधिकारियों का कहना है कि यह केस एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का खुलासा कर सकता है। डीआरआई ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान और कड़ा किया जाएगा।
