जम्मू कश्मीर में देशभर के हजारों युवा कैद है। बता दे कि पूर्व मुख्यमंत्री और PDP चीफ महबूबा मुफ्ती ने बताया कि साल 2019 के बाद 3000 से जायदा युवाओं को राज्य में गिरफ्तार किया गया है और उन्हें जम्मू कश्मीर के बाहर के जेलों में बंद किया गया है।
जानकारी के लिए बता दे कि यह सभी कैदी विचाराधीन कैदी है। ज्यादातर परिवारवालों को कानूनी वजहों से अपनी प्रॉपर्टी भी बेचनी पड़ गई है उसके बाद भी परिवारवाले उनसे मिल नहीं पा रहे है। मुफ्ती ने कहा कि सरकार बनने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अब इस बारे में कुछ होगा। उन्होंने गृह मंत्री और डीजीपी को भी पत्र लिखकर इस बारे में जानकारी मांगी थी।
मुफ्ती ने आगे कहा कि वह बस यही चाहते है कि जिन युवाओं को बाहर के जेलों में बंद किया गया है उन्हें प्रदेश की जेलों में ट्रांसफर कर दिया जाए ताकि उनके परिवारवाले भी उनसे मिल सके। वहीं अब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का इस बारे में कहना है कि मेरी याचिका के कारण यह मामला अदालत में विचाराधीन है और अगर इस पर बात नहीं की जा सकती तो ये दुर्भाग्यपूर्ण है।
जम्मू-कश्मीर की जेलों में किया जाए शिफ्ट
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि प्रदेश में कई सालों से ये धरपकड़ चल रही है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद से युवाओं की धरपकड़ जायदा हुई है। इनमें कितने लोग है ये भी उन्हें नहीं पता, लेकिन अब तक करीब 3 से 4 हजार ऐसे युवा है जिन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार किए गए युवाओं में कई ऐसे युवा भी है जिनकी तबियत खराब है और उनके बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। हमारी बस अब थी प्रार्थना है कि इन सभी युवाओं को जम्मू कश्मीर शिफ्ट किया जाए।
महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट से भी अपील की है कि वो इस मामले का संज्ञान ले। उन्होंने जनहित याचिका दायर कर मांग की है कि देश भर की जेलों से ऐसे सभी बंदियों को सबसे पहले जम्मू-कश्मीर लाया जाए ताकि उनके परिवार कम से कम उनसे मिल सकें।
