कुत्ते के काटने पर सरकार पर लगेगा भारी जुर्माना, SC ने डॉग फीडर्स को भी घेरा

आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाया. कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को चेतावनी दी कि कुत्तों के काटने या मौत के हर मामले में संबंधित सरकारों पर भारी मुआवजा लगाया जा सकता है. इसके साथ ही कोर्ट ने खुले में कुत्तों को खाना खिलाने वालों की जिम्मेदारी भी तय करने की बात कही.

जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने कहा कि कुत्तों को खुले में खाना खिलाने से होने वाले हमलों का खामियाजा पीड़ितों को जीवन भर भुगतना पड़ता है. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि अगर किसी को कुत्तों से इतना लगाव है, तो उन्हें अपने घर में रखें, सड़कों पर छोड़ने का कोई औचित्य नहीं है.

पीठ ने टिप्पणी की कि डॉग फीडर्स की संवेदनाएं सिर्फ कुत्तों तक सीमित हैं, जबकि इंसानों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है. कोर्ट ने सवाल उठाया कि अगर कोई 9 साल की बच्ची आवारा कुत्तों के हमले में जान गंवा देती है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘एबीसी नियमों’ को लागू करने में राज्य सरकारें पूरी तरह विफल रही हैं. कोर्ट के मुताबिक, दशकों से इस समस्या पर चर्चा होती रही है, लेकिन सरकारों की लापरवाही के कारण हालात और गंभीर हो गए हैं.

पीठ ने दो टूक कहा कि कुत्तों के काटने से होने वाली हर मौत और चोट के लिए अब जिम्मेदार सरकारों पर भारी जुर्माना और मुआवजा लगाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस समस्या को गंभीरता से रोका जा सके.