उत्तराखंड सरकार राज्य के युवाओं को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित करने और रोजगार से जोड़ने के लिए नए नए कदम उठाती रहती है। वहीं अब इसी क्रम में सरकार ने ड्रोन कबड्डी खेल की योजना बनाई है। इसके पीछे सरकार का मकसद भविष्य में आपदा, युद्धाभ्यास आदि संकट की स्थिति में युवाओं से मदद लेने के लिए है। ताकि प्रशिक्षित खिलाड़ियों का उपयोग ड्रोन पायलटों के रूप में हो सके।
जानकारी के लिए बता दें कि ड्रोन कबड्डी की शुरुआत देश में पहली बार उत्तराखंड में होने जा रहा है। इसके नियम और ड्रोन के चयन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जल्द ही इस योजना को लांच किया जाएगा। बता दें कि उत्तराखंड आपदाओं के मामले में काफी संवदेनशील राज्य रहा है। कई बार यहां ऐसी स्थितियां उत्पन्न हुई जिससे मानव शक्ति का उपयोग चाह कर भी नहीं किया जा सका। तब ऐसी जटिल स्थितियों से निपटने के लिए सिर्फ तकनीकी ही सहारा लिया जा सकता है। तकनीक को भी संचालित और नियंत्रित करने के लिए कुशल लोगों की जरूरत होती है। जिसके लिए सरकार युवाओं को ड्रोन कबड्डी योजन से जोड़ने जा रही है।
ड्रोन कबड्डी के क्या हैं नियम?
दरअसल, ड्रोन कबड्डी खेल एक नेट कोर्ट के अंदर खेला जाता है. जानकारी के मुताबिक, इसमें एक तरफ एक ड्रोन अटैकर के रूप में होता है, जबकि दूसरी तरफ पांच ड्रोन डिफेंडर होते हैं, जिसमें दो ड्रोन रिजर्व में रहते है, ताकि किसी ड्रोन के छू जाने पर रिजर्व वालों का उपयोग किया जा सके। यह खेल 30-30 सेकेंड में पांच सेट में होता है। हर सेट में अटैकर ड्रोन को डिफेंडर के पाले में घुस कर उन्हें छूकर वापस आना होता है। खेल के दौरान खिलाड़ी ड्रोन का पूरा संचालन रिमोट से करेंगे.
